पानी के प्रवाह के लिए सबों का सहयोग जरूरी

बोधगया में निरंजन नदी रिचार्ज मिशन की बैठक में बोले वक्ता

बोधगया। निज संवाददाता

बोधगया स्थिति श्रीलंकाई बौद्ध मठ महाबोधी सोसायटी के सभागार में रविवार को निरंजना नदी रिचार्ज मिशन की बैठक हुई। बतौर मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के फॉरेस्ट कमिश्नर सिद्धार्थ त्रिपाठी और आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ विनीता सहाय शामिल हुईं। मौके पर महाबोधि सोसाइटी के अध्यक्ष भंते पी शिवली थेरो एवं वट लाओस मंदिर के इंचार्ज उपस्थित हुए। निर्मल निरंजना मिशन के महासचिव सुरेश सिंह ने कहा कि गंगा की तरह निरंजना नदी भी पवित्र है। इसमें सालों भर पानी का प्रवाह बना रहे, इसके लिए हम सबों को मिलकर कार्य करना पड़ेगा।

मुख्य अतिथि सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को जागरूक करना होगा। छोटे-छोटे नर्सरी बनाकर दोनों किनारों पर पौधारोपण कर नदी को बचाया जा सकता है। आईआईएम की निदेशक डॉ विनीता सहाय ने कहा कि जहां तक हो सकेगा अपनी ओर से टेक्निकल एवं जागरूकता फैलाने का काम में सहयोग करने का काम आईआईएम करेगा।

इसके संयोजक संजय सज्जन के द्वारा द्वारा एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बूढ़ा उड़ी चेक डैम की प्रस्तुति की गई। इसके डायरेक्टर धर्मवीर भारती है।

इसमें 50 वर्षों से सुखी राम रेखा नदी को कैसे जन सहयोग से फिर से सालों भर पानी का प्रवाह किया गया। वैसे ही जन सहयोग से इस नदी में भी सालों भर पानी का प्रवाह बना रहे इस पर उन्होंने अपनी राय दी। इसमें इरफान अहमद फातमी जो कि कोर ग्रुप के मेंबर है उन्होंने भी कहा कि जैसे हमारे लिए जमजम है। हिंदुओं के लिए गंगा और बौद्धों के लिए निरंजना नदी का महत्व है। इस नदी का भी उद्धार होना चाहिए। मंच का संचालन कैलाश प्रसाद ने किया।

राकेश कुमार उर्फ पप्पू बिहार गाइड एसोसिएशन की ओर से सभा में आए सभी भंते एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों को धन्यवाद दिया। इसमें बोधगया होटल एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष जय सिंह महासचिव संजय सिंह एवं इसके संरक्षक रणविजय सिंह, होटल एसोसिएशन बोधगया के अध्यक्ष महासचिव सुदामा कुमार, एनजीओ से दीपक कुमार पिपुल फर्स्ट, राजेश कुमार विक्रम सिंह, विवेक कुमार कल्याण, सभी बौद्ध मठों से जुड़े भंते एवं स्थानीय बुद्धिजीवी शामिल हुए



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